Sunday, 30 August 2015

Nayapalli branch in orissa of samruddha jeevan raided by CBI latest story

लाइव इंडिया में कर्मचारियों की हड़ताल, एचआर ने दिया नोटिस

लाइव इंडिया में कर्मचारियों की हड़ताल, एचआर ने दिया नोटिस Written by Bhadas Desk
लाइव इंडिया[/B] चैनल में हालात दिन-ब-दिन बद से बदत्तर होते जा रहे हैं। सेलरी न बढ़ाये जाने का फरमान जारी कर दिया गया है। आलम अब ये हैं कि कर्मचारी हड़ताल करने की तैयारी कर रहे हैं। पहली हड़ताल ड्राइवरों ने कर दी हैं। इस हड़ताल की वजह से आज ओबी मुवमेंट नहीं हो सका। अंदर ही अंदर इस हड़ताल से लाइव इंडिया के दूसरे कर्मचारी, पत्रकार काफी खुश हैं। खुशी इस वजह से कि किसी ने तो पहला कदम उठाया। संपादकीय में आलम ये हैं कि जो लोग संपादक के करीबी माने जाते हैं, वही लोग मैनेजमेंट को अंदर की खबर देते हैं और अपने नंबर बढ़ाने का काम कर रहे हैं।


[B]लाइव इंडिया[/B] संस्थान अंदर से कितना बिखरा हुआ है और राजनीति किस चरम स्तर हैं इसका पता इस बात से चलता हैं कि चैनल के अदंर ही कर्मचारी एक दूसरे को मारने पर उतारू हैं। कुछ कर्मचारियों के एक दूसरे पर हाथ उठाने की नौबत के बाद HR को एक दिन में तीन नोटिस (देखिए नीचे) जारी करने पड़े। मैनेजमेंट दबाव बना रहा है कि चैनल के खिलाफ सीबीआई जांच को लेकर कोई बाहर कुछ न बोले। दबाव के माहौल का ये आलम ये है कि मैनेजमेंट धमकाने से भी बाज नहीं आ रहा है। अंदरखाने से खबर ये भी है कि एक महिलाकर्मी को पहले डराया गया उसके बाद उस पर गाज गिराने के लिए प्रमोशन देकर ट्रांसफर मुंबई कर दिया गया। बात तब भी नही बनी तो महिला को नौकरी से निकाल दिया गया। माइनोरिटी ग्रुप के नाम पर इस महिला के साथ टीका टिप्पणी की गई। कुछ प्रताड़ित कर्मचारी मैनेजमेंट से दो-दो हाथ करने के लिए लीगल ओपिनयन भी ले रहे हैं।

देखिए Live India HR के नोटिस –

[B]First Notice[/B]

Dear All,

This is for your kind information that, in future, if Management found any employee involving in indiscipline acts like clashing with superiors and subordinates, using filthy language and disturbing the working atmosphere or found indulging in any other similar activities which hampers the productivity of the organization, the company would initiate in disciplinary action against the employee which will result in Three (03) days salary deduction.

So, all the employees are advised to maintain the decorum for the smooth functioning of the company.

Regards

Human Resource Department


[B]Second Notice[/B]

Dear All

This is the final intimation to all the employees that if anybody is found gossiping or talking ill about the management, tampering the name of the company, discussing any sensitive information about the company in whatsoever manner within or outside the organisation, the management shall take irrevocable steps which shall be final and binding.

This is applicable to every individual at all levels.

Regards

Human Resource Department




[B]एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित।[/B]

Samruddha Jeevan के फर्जीवाड़े पर SEBI की रोक से संबंधित खबर PTI ने की जारी

Samruddha Jeevan के फर्जीवाड़े पर SEBI की रोक से संबंधित खबर PTI ने की जारी

मीडिया क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सक्रिय हो रहे 'समृद्ध जीवन' समूह की कंपनियों द्वारा जनता को लालच देकर बड़े पैमाने पर अवैश निवेश स्कीमों में पैसे लगवाने के प्रकरण में सेबी ने जो रोक का आदेश दिया है, उससे संबंधित खबर समाचार एजेंसी पीटीआई उर्फ प्रेस ट्रस्ट आफ इंडिया की तरफ से जारी की गई है.

ये अलग बात है कि इस खबर को कुछ एक अखबारों को छोड़कर किसी भी मीडिया ग्रुप ने एंटरटेन नहीं किया. ऐसी खबरें जो सीधे तौर पर जनता के हित से जुड़ी हैं और उनको लुटने से बचाने के लिए प्रकाशन की मांग करती हैं, उन्हें मीडिया हाउस जाने किस प्रलोभन में नहीं छापते, दिखाते. मराठी के कुछ अखबार, अंग्रेजी के कुछ अखबारों को छोड़ दें तो 'समृद्ध जीवन' के फर्जीवाड़े से संबंधित खबरों और सेबी द्वारा इस पर रोक लगाने के आदेश को सभी ने ब्लैकआउट किया. नीचे वो खबर दे रहे हैं जिसे पीटीआई ने रिलीज की है....

DEKHO DEKHO.....'लाइव इंडिया' पर चला हिंदी टीवी पत्रकारिता इतिहास का सबसे घटिया कंटेंट.

'लाइव इंडिया' पर चला हिंदी टीवी पत्रकारिता इतिहास का सबसे घटिया कंटेंट... एनके सिंह के पास कोई जवाब
Yashwant Singh :  आज तो हिंदी टीवी पत्रकारिता के इतिहास में ग़ज़ब का दिन शामिल हो गया. ब्राडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन (बीईए) के महासचिव और वरिष्ठ पत्रकार एनके सिंह के प्रधान संपादकत्व वाले न्यूज चैनल लाइव इंडिया में एक टुच्चे-से सगाई समारोह का लगातार लाइव टेलीकास्ट चला. पुणे के समृद्ध जीवन परिवार (एक चिटफंड कंपनी जिसने आम जन से भैंस-बकरी-घोड़ा-कुत्ता आदि पालकर पैसे डबल करने के नाम पर हजारों करोड़ रुपये उगाह रखे हैं) के मालिकों के किसी परिजन के सगाई समारोह को शाम से लेकर देर रात तक लाइव इंडिया न्यूज चैनल पर देश का सबसे बड़ा प्रोग्राम, सबसे बड़ी खबर की तरह पेश किया गया.

एक बारगी तो मुझे यकीन नहीं हुआ कि यह सब कुछ लाइव इंडिया न्यूज चैनल पर चल रहा है जहां एनके सिंह जैसे तर्कशास्त्री, सरोकारी और कंटेंट पक्षधर पत्रकार बैठे हुए हैं. प्रबल प्रताप सिंह जैसे पत्रकार इस चैनल को हेड कर रहे हैं. मुकेश कुमार अभी हाल में ही इस ग्रुप के लाइव इंडिया नामक मैग्जीन से जुड़े हैं. प्रदीप सिंह जैसे वरिष्ठ पत्रकार इस ग्रुप के लाइव इंडिया नामक अखबार के हिस्से बने हैं. इतने बड़े बड़े पत्रकारों में से किसी से क्या हम ये उम्मीद कर सकते हैं कि वे आगे आकर सफाई देंगे कि आखिर पत्रकारिता की किस कसौटी के तहत लाइव इंडिया न्यूज चैनल पर इसके चिटफंडिये मालिकों के एक बेटे की सगाई के समारोह को शाम से लेकर देर रात तक लाइव दिखाया गया? क्या यही पत्रकारिता और सरोकार है?



एक जमाना था जब मालिक लोग अपने अखबार या चैनल में खुद को दिखना-दिखाना पसंद नहीं करते थे क्योंकि उनका मानना-कहना था कि उनके एडिटर इन चीफ जिस कंटेंट को दिखाने लायक मानेंगे, पत्रकारिता की कसौटी पर खरा मानेंगे, उसी को वो छापेंगे-दिखाएंगे. पर लाइव इंडिया पर आज एक सगाई समारोह का भोंडा लाइव टेलीकास्ट देखकर सिर शर्म से झुक गया.

बीच-बीच में एंकर प्रकट होता था, ब्रेक लेता था, विज्ञापन दिखता था, फटाफट हेडलाइंस पढ़े जाने के बाद फिर वही भीड़, डांस, बाजा, शोर, समारोह का लाइव टेलीकास्ट शुरू... इन चिटफंडियों के पास पता नहीं अकल नामक चीज भी है या नहीं. काहें को ये अपनी इज्जत सरेबाजार नीलाम करा रहे हैं. न्यूज दिखाने के नाम पर चैनल का लाइसेंस लिया है और दिखा रहे हैं अपने घर की शादी. तो इससे अच्छा है भइया कि चैनल का नाम ही रख दो ''लाइव इंडिया मैरिज न्यूज चैनल'' ताकि हमारे आप जैसे लोग भी कुछ पैसे देकर अपने अपने घरों में होने वाले सगाई-शादी समारोह के लाइव टेलीकास्ट की व्यवस्था इस चैनल के संपादकों / प्रबंधकों से मिलकर करा सकें. जिस समृ्द्ध जीवन नामक चिटफंड कंपनी को बाजार नियामक सेबी ने जनता को धोखा देकर हजारों करोड़ रुपये गलत तरीके से उगाहने के मामले में नोटिस दे रखा हो और जांच के दायरे में हो, उसके मालिक अपने शान, शौकत, पैसे, उत्सव का ऐसा भोंडा प्रदर्शन करने-कराने में गर्व समझते हों तो इन्हें क्या कहा जाए.

ये लोग उसी महाराष्ट्र के हैं जहां हर साल हजारों किसान गरीबी, कर्ज, सूखे, सूदखोरी आदि के कारण आत्महत्या कर लेते हैं. एनके सिंह जैसे विचारवान और प्रखर पत्रकार के इस ग्रुप के मीडिया वेंचर का प्रधान संपादक होते हुए भी अगर इतना भोंडा, जन विरोधी, स्तरहीन कंटेंट इस न्यूज चैनल पर प्रसारित होता रहा तो इसे यही माना जाएगा कि आज के बाजारू दौर में धनवान मीडिया मालिकों की घटिया ज़िद के आगे किसी तेवरदार पत्रकार की एक नहीं चलती. एनके सिंह भले ही मंचों से कहते रहें कि मीडिया हाउसों को कार्पोरेट या धनवान लोग नहीं खरीद सकते लेकिन व्यवहार में यही दिख रहा है कि मीडिया हाउसों की औकात ये कार्पोरेट या धनवान लोग ही तय करते हैं और आज लाइव इंडिया के मालिकों ने लाइव इंडिया न्यूज चैनल की औकात दो कौड़ी की तय कर दी है.

एनके सिंह को जो अब करना, जो अब कहना है, करते रहें, कहते रहें लेकिन यह घटनाक्रम न सिर्फ हिंदी टीवी जर्नलिज्म के लिए बेहद खराब है बल्कि अभी तक हिंदी न्यूज चैनलों के इतिहास का सबसे स्तरहीन प्रजेंटेशन का दिन रहा. कम से कम कामेडी शो और भूत-पिशाच जैसे विषय इससे अच्छे थे जिनमें कुछ न कुछ पब्लिक इंट्रेस्ट या व्यूवरशिप जैसी चीज थी. पर एक घरेलू सगाई समारोह में क्या पब्लिक इंट्रेस्ट था, क्या जनपक्षधरता थी, क्या पत्रकारीय कंटेंट था, इसका जवाब तो लाइव इंडिया वाले यानि एनके सिंह, प्रबल प्रताप सिंह, प्रदीप सिंह, मुकेश कुमार आदि ही दे सकते हैं.

नीचे लाइव इंडिया मैरिज न्यूज चैनल पर सगाई समारोह के लाइव प्रसारण के कुछ लिंक दे रहा हूं... एक-एक कर सभी देखिएगा, पूरा देखिएगा और ध्यान से देखिएगा.. तभी आपको अंदाजा लगेगा कि आज जिन-जिन लोगों ने भी शाम से लेकर देर रात तक लाइव इंडिया न्यूज चैनल को देखा होगा उनके दिलो-दिमाग पर क्या गुजरी होगी... (कृपया इस पोस्ट को उन संपादकों तक भी पहुंचाएं, दिखाएं, शेयर करें जो धनपशुओं द्वारा संचालित मीडिया यानि कार्पोरेट मीडिया का यत्र, तत्र, सर्वत्र गुणगान करते नहीं थकते.)

FOR MORE INFORMATION PLEASE CLICK ON BELOW LINK.

http://www.old1.bhadas4media.com/print/17955-2014-02-19-18-06-23.html

[LINK=https://www.youtube.com/watch?v=ymNH7NdngoY]https://www.youtube.com/watch?v=ymNH7NdngoY[/LINK]

[LINK=https://www.youtube.com/watch?v=mgss9dgVlro]https://www.youtube.com/watch?v=mgss9dgVlro[/LINK]

[LINK=https://www.youtube.com/watch?v=9pbX3QMOo3k]https://www.youtube.com/watch?v=9pbX3QMOo3k[/LINK]

[LINK=https://www.youtube.com/watch?v=PtWkP-qiDnE]https://www.youtube.com/watch?v=PtWkP-qiDnE[/LINK]

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TAJA KHABAR...BREAKING NEWS....लाइव इंडिया' समूह की कंपनी 'समृद्धि जीवन' के फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच के आदेश

लाइव इंडिया' समूह की कंपनी 'समृद्धि जीवन' के फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच के आदेश
मीडिया जगत की एक बड़ी खबर आ रही है. सुप्रीम कोर्ट ने लाइव इंडिया चैनल, अखबार और मैग्जीन को संचालित करने वाली कंपनी समृद्धि जीवन के काले कारनामों की सीबीआई से जांच कराने के आदेश दे दिया है. इस आदेश के बाद लाइव इंडिया मीडिया समूह और समृद्धि जीवन कंपनी में शीर्ष स्तर के पदाधिकारियों में हड़कंप है. ज्ञात हो कि ये वही समृद्धि जीवन समूह नामक कंपनी है जिसके मालिकों ने अपने लाइव इंडिया न्यूज चैनल पर अपने घर के शादी-बारात के आयोजन का लाइव टेलीकास्ट लगातार कराया था. इसको लेकर जब सवाल और बवाल हुआ तो चैनल के तत्कालीन एडिटर इन चीफ एनके सिंह ने अपनी टीम के साथ इस्तीफा दे दिया था.

उन दिनों एनके सिंह ने भी प्रबंधन से कहा था कि वह घटिया हरकत न करे और शादी ब्याह के निजी कार्यक्रम को न्यूज चैनल पर लाइव प्रसारण न करे. पर जनता को भरमा कर ठग कर चिटफंड के जरिए उगाहे गए हजारों करोड़ रुपये की गर्मी से गरम प्रबंधन की सेहत पर कोई फरक नहीं पड़ा. अंततः जब एनके सिंह और उनकी टीम ने इस्तीफा दे दिया तो पुणे स्थित समृद्ध जीवन कंपनी ने अपने पुराने संपादक सतीश के. सिंह को याद किया. कई चैनलों में कुछ कुछ दिनों तक वक्त काटने के बाद पैदल होते रहने वाले सतीश के. सिंह ने भी मौके की नजाकत और मार्केट की हालत को समझते हुए लाइव इंडिया में तत्काल एडिटर इन चीफ के रूप में पद संभाल लिया. सूत्रों का कहना है कि समृद्धि जीवन के मालिकों ने सतीश के. सिंह को क्राइसिस मैनेजमेंट के काम में लगा दिया है. देखना है कि लाइव इंडिया चैनल चलाने वाले समृद्धि जीवन नामक चिटफंडियों को सुप्रीम कोर्ट व सीबीआई के डंडे से कोई राहत दिला पाता है या नहीं. माना जा रहा है कि यह ग्रुप देर सबेर भरभरा कर गिर जाएगा और इसके मीडिया उपक्रमों पर भी ताला लग जाएगा.

प्रकरण कुछ यूं है कि सुप्रीम कोर्ट में आलोक जेना ने शारदा चिटफंड केस में जो पीआईएल फाइल कर रखा है उसकी अंतिम सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से कहा है कि वह चिटफंड और आर्थिक अपराध से जुड़ी 44 कंपनियों को भी जांच के दायरे में ले आए और फास्ट ट्रैक मैनर से इनवेस्टीगेट करे. इन 44 कंपनियों में समृद्धि जीवन ग्रुप की दो बड़ी कंपनियां शामिल हैं. इनके नाम हैं.. [B]M/S Samruddha Jeevan Multi State Multipurpose Cooperative Society Limited [/B]और [B]Samruddha Jeevan Foods India Pvt. Limited[/B].

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है-

''In view of inter state ramifications, involvement of higher ups including politicians and aspects of money laundering, a CBI probe is necessary. Moreover  It's not as if the state police has not done a good job of filing chargesheet. To inspire confidence in the investors, we're handing over the probe to the CBI. All cases registered in West Bengal, Assam, Tripura and Odissa to be handed over to the CBI. This will not impact the commission of enquiry set up by the state govt. The money trail needs to be traced, the conspiracy angle needs to be probed properly. Not much headway has been made so far. Moreover court also order the probe of cbi in matter related to the chit fund companis of orissa.''

Court oder CBI to Investigate the Whole Matter and club the Whole Matter And investigate in Fast Track Manner.... In its last and final hearing in the PIL filed by Alok Jena, the apex court bench insisted on the addition of seven companies,  suggested by the petitioner, to the list of 37 companies that the state government was willing to be These seven companies suggested by the petitioner include Seashore and Artha Tatwa- chit fund companies which are currently being  probed by the Crime Branch. The court had dismissed the contention of the senior counsel for Odisha government Gopal Subramaniam that  investigation of these seven companies need not be handed over to the CBI because the state Crime Branch was already conducting a thorough probe on them.

Here is the full list of companies that would come under the CBI scanner as soon as the court passes a formal order in the case : [B]M/S Samruddha Jeevan Multi State Multipurpose Cooperative Society Limited, Samruddha Jeevan Foods India Pvt. Limited[/B], M/S Sai P, M/S sai Prakash Finance Advisory Service Pvt. Limited, M/S Sai Prakash Properties Development Limited, M/S Shine India Group of Companies, Artha Tatwa Group, Adarsha Groups, Seashore, ABC Indya, Safex India Pvt. Ltd., Swastik India Multi State Credit Co-Operative, Nabadiganta Capital Service Limited, M/S Saradha Groups of Companies, M/S Golden Land Developres Groups of Companies, M/S S.R. Green House Limited, M/S Essore Developers, M/S Tower Infotech Limited, M/S Zodiac Foundation Companies, M/S Real Tulip India Limited, M/S Remac Reality India Limited, M/S Midas Touch Group of Companies, M/S Ramel Industries Limited, M/S Prayag Groups of Companies, M/S Rose Valley Group of Companies, M/S Silicon Preject India Limited, M/S Asha Agro Ecomotors Industries Limited, M/S Akhaya Gold Farms & Villas India Limited, M/S Astha International Limited, M/S Nirmal Infra Home Corporation Limited, M/S Mangaldeep Land Promoters Limited, M/S Infinity Realcon Pvt. Limited, M/S Surha Sun Marg Micro Finance Limited, M/S Rightmax Technotrade International Limited, M/S Sastra Enterprise Limited, M/S Micro Finance Pvt. Limited, M/S Real Foundation Company, M/S Green ray Group of Companies, M/S Real Alliance Estates Pvt. Limited, M/S Wetell Cap Solutions Pvt Limited, M/S Jana Mangala Agro Care Company, M/S Green India Infra Projects Limited, M/S Mangnum Group, M/S I-Care E Service Limited.

BJP LEADER KIRIT SOMIYA INTERVIEW ON FRAUD CHIT FUND COMPANIES....